जीवन में सफलता पाने या महान बनने की बात जब आती है तो अधिकांश लोगो की शिकायत यह होती है कि उनको विशेष बनने का अवसर ही नहीं मिला, अदृष्ट ने उनका साथ नहीं दिया इसलिए वे कुछ कर नहीं पाए ! क्या यह कारण उचित लगता है ? इतिहास प्रसिद्ध दिग्गजों के पास सुअवसर मिला, वही महँ बना बल्कि महान वो बना जिसने कठिनाई को ही सुअवसर में परिवर्तन करके दिखाया | सांप का जहर मृत्यु के समान है लेकिन मानव ने उसको ऐसे परिवर्तन कर दिखाया कि कुष्ठरोग (मृत्यु से भी भयानक) से मुक्ति पाने की औषधि बना दिया | मृत्यु रुपी विष ही, जीवन को असफल, व्यर्थ बनाने वाली बातो को परिवर्तन कर सफलता का आधार बना लेना, इस कला से एक साधारण मानव, महामानव बन सकता है | ऐसे प्रसिद्ध महापुरुष जिन्होंने कठिनाइयों को ही सुअवसर के रूप में परिवर्तन कर सफलता पाई, उनमे से तीन उदाहरणों को यहाँ प्रस्तुत किया जा रहा है | इस दुनिया में दो स्थान है जहाँ कोई भी जाना नहीं चाहते | एक है कब्रिस्तान और दूसरा है कारागृह | समझते है, कारावास तो मृत्यु से भी बड़ी सजा है | भारत के स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले एक क्रांतिकारी तरुण...