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 आप हिम्मत का एक कदम बढाओं तो परमात्मा की सम्पूर्ण मदद आपके साथ होगी !

सदा मुस्कुराइये मायूसी भगाइए

        

  मनुष्य ही ऐसा सौभाग्यशाली है जिसे परमात्मा ने वरदान के रूप में मुस्कान दी है 

बुजुर्गो ने कहा है कि मनुष्य को खाना एक गुणा –पीना दो गुणा –कसरत तीन गुणा हँसाना चार गुणा और प्रभु चिंतन पांच गुणा करना चाहिए | खिला हुआ फूल – और मुस्कुराता हुआ चेहरा देख सब प्रभावित हो जाते है | लेकिन आजकल कि भागदौड़ कि जिन्दगी में मनुष्य मुस्कुराना भूल गया है जिस मुस्कान के लिए वो सब कुछ कर रहा है  , वह मुस्कान उससे दूर होती जा रही है तनाव और मायूसी के जीवन में ही वो जी रहा है | उसे मुस्कुराने कि भी फुर्सत नहीं है | कई बार कोई काम नहीं होता है या बना हुआ कोई काम बिगड़ जाता है तो तुरंत कहते हिया “पता नहीं आज सवेरे किसकी मनहूस शक्ल देखी जो आज कोई काम नहीं हो रहा है “तभी तो लोग उठते ही भगवान के दर्शन करते है कहने का भाव – मायूस चेहरा किसी को भी अच्छा नहीं लगता | कोई कोई तो उनका हालचाल पूछने पर अपनी मायूसी छिपाने के लिए आर्टिफिशियल , दिखावे के लिए हँसते है | इसलिए छोटी – छोटी बाते से मन को भरी न करे , सदा मुस्कुराइए | मुस्कराहट आपके चेहरे का दर्पण है | छोटाबच्चा भी दिन में 80 बार हँसता है परन्तु बड़े होने पर लाफिंग क्लब में जाना पड़ता है | फोटो खीचते समय भी फोटोग्राफर को बार बार कहना पड़ता है स्माइल प्लीज – जरा मुस्कुराइए | फोटो निकलने के बाद फोटो स्माइल वाली बन जाती है , निजी जिन्दगी में भी आप ऐसे ही मुस्कुराये |
                
                     मुस्कुराना इनसे सीखे 

रोने कि कोई वजह नहीं होती किसी ने कुछ कहा बात बिगड़ गई, मनमुटाव के कारण मन का रोना आ जाता हिया | जिन्दगी एक खेल कि तरह है अगर आप खेल में हार गए तो फिर भी आप मुस्कुरा सकते है , तो कहा जायेगा कि जिन्दगी के खेल में आप जित गए | इस संसार में ऐसे भी महान आत्माए होकर गई है जिनकी तस्वीरे देखकर अपने होठो पर मुस्कान आ जाती है | महात्मा गाँधी स्वामी विवेकानंद , श्री राम , श्रीकृष्ण , इनकी तस्वीरों में कभी भी मायूसी , उदासी नहीं मिलेगी | इसलिए सदा मुस्कुराये , सच्चे दिल से , निस्वार्थ भाव से निर्भयता से ताकि हमारा तन और मन स्वस्थ हो जाये | हमारे मुस्कान में सूखापन न हो सदा शुभभाव व स्नेह से भरा हुआ हो  हमारी मुस्कान सबको प्रेरणा देनेवाली हो, शक्ति प्रदान करने वाली हो सबका गम भुलाने वाली हो आशा कि नै किरण दिखनेवाली हो , उमंग उत्साह भरने वाली हो | कई बार स्वार्थ के कारण इर्ष्या के कारण भी हम मुस्कुराते है | जैसे कि शत्रु पर संकट आने पर......किसी कि हीनता पर गरीबी देखकर आदि ...यह मुस्कान चोट पहुँचाने वाली है | हमारी मुस्कान निस्वार्थ हो | हमारे मन में सभी के प्रति निर्मल भावनाए हो सरलचित हो |
               
                   आपकी मुस्कान आमूल्य है 

आपके मुस्कान कि कोई कीमत नहीं लगा सकता...... मुस्कान अमूल्य है | जैसे कोई कीमती चीज होती है तो उसे संभालकर रखते है | ऐसे ही आपकी मुस्कान उससे कई गुणा अनमोल है , आपकी निजी प्रापर्टी है | समस्याए आने पर आप इसे क्यों गवांते हो ? परिस्थिति आने पर आप बेचैन , उदास क्यों हो जाते हो ? क्या आप इतने कमजोर हो जो कोई आपकी मुस्कान आपसे छीन ले ? कदापि नहीं | इसे संभलकर रखो | आप अपना चेहरा ही मायूस क्यों बनाते हो जो कोई आपसे पूछे कि आप उदास क्यों हो ? हर पल आपकी मुस्कान बनी रहे मुस्कुराना स्वाभाविक हो जाये | दुनिया के हिसाब से भले आपके पास कुछ हो लेकिन मुस्कान मुस्कान सबसे बड़ी प्रापर्टी है | मुस्कुराने में कभी भी कंजूसी नहीं करो | तभी तो कहते है कि खुशी जैसा खजाना नहीं | कुछ भी हो जाये लेकिन खुसी व मुस्कान न जाये |
                            
                    मुस्कान भगवान का गिफ्ट है 

इस मनुष्य दुनिया में मनुष्य परमात्मा कि श्रेष्ठ रचना है | मनुष्य ही ऐसा सौभाग्यशाली है जिसे परमात्मा ने वरदान के रूप में मुस्कान दी हुई है | मुस्कान वरदान है जिससे स्वाम भी और संपर्क में आने वाले ब्यक्ति के जीवन कि कड़वाहट समाप्त हो जाती है | एक मुस्कान – हजारो कुर्बान वाली कहावत निरर्थक नहीं है उसके पीछे मनोविज्ञान का गहरा चिंतन है | मै कहूँ मुस्कुराओ तो आप मुस्कुरा सकते हो , अगर कहूँ गुस्सा करो तो नही कर सकते | गुस्सा क्यों नहीं आया क्योंकि गुस्सा करने का कोई कारण नहीं | कहा जाता है Smile goes mils आपकी खुसी दूर दूर तक खुसी के किरने  बिखेरती है | इसलिए सदा कुलकर मुस्कुराते रहो हँसते रहो |
                      
                      सदा मुस्कुराना सबसे बड़ी कला

दुनिया रंगमंच पर जितनी भी आत्माए है उन सभी में कोई न कोई विशेषताए है एवं गुणों के अधर से ही उस व्यक्ति कि पहचान होती है उसे याद किया जाता है | कई आत्माओ में मुस्कुराने कि कला विशेष होती है | मुस्कुराना तो सभी जानते है लेकिन विपरीत परिस्थितियो में बड़ी बड़ी जिम्मेवारी निभाते हुए भी सदा मुकुराना यही महँ आत्माओ कि पहचान है इसका मिसाल दादी प्रकाशमणि जी के जीवन कि एक घटना याद आती है |
             दुसरे महासम्मेलन में यू.एन. से सिस्टर शैली आई थी , जो सोचती थी कि दादी प्रकाशमणि जी तो अंतर्राष्ट्रीय संस्था कि प्रमुख है, उनसे मुलाकात तो बड़ी मुस्किल से होगी | दादी जी निर्माणता कि मूर्ति थी | सम्मलेन के सत्र के बाद रोज सबको हाथ हिलाकर मिलती थी | बहन शैली ने दादी को कहा, दादी आपके पास तीन हजार भाई-बहने मेहमान के रूप में है उनमे एक हजार तो (वी.आई.पी.) विशेष है, आपको कोई तनाव नहीं होता? दादी बोली , ये सब मेहमान अपने पिता के घर में आये है, करनकरवानहार पिता परमात्मा है, सब कुछ वही कर  रहा है,इसलिए हमें कोई तनाव नहीं | दादी ने पूछा सिस्टर शैली आपको क्या सौगात दूँ? शैली बोली , दादी जी एक सौगात मंगू, आप देंगी ? अपनी शाश्वत हंसी सौगात में दे दो | दादी ने कहा यह Godly गिफ्ट है, आपको चाहिए तो आप भी ले लो |दादी जी कितना भी व्यस्त हो हर पल सदा मुस्कुराते , सदा हलके रहते थे|  मुस्कराहट कि एक मिशाल थी दादी जी इसलिए फूल बनकर खिलते रहिये मीठी मुस्कान के साथ आगे बढिए |
                    
                        कब चली जाती है मुस्कान ?  

रोना किसी को सिखाया नहीं जाता , वह तो अपने आप आ जाता है | जन्म से ही बच्चा भी रोने लगता है | ऐसे ही बच्चा भी रोने लगता है ऐसे ही किसी ने कुछ कहा बात बिगड़ गई, मनमुटाव हुआ तनाव के कारण चेहरे पर मायूसी आ जाती है | मुस्कुराने के पल बहुत थोड़े होते है | उसमे भी कई लोग खुलके नहीं मुस्कुराते | खुले दिल से नहीं हँसते | छोटी छोटी बातो से मन भरी होने के कारण हमारी मुस्कान चली जाती है और हम मायूस हो जाते है | गम में डूब जाते है | जो हमशा ही उदास रहते है तनाव में रहते है उनके साथ बात करना भी कोई पसंद  नहीं करता , किनारा करते है | ऐसे व्यक्ति अकेला रहना पसंद करते है | इसलिए इस मायूसी के परदे को हटाइए और सदा मुस्कुराये
                
                 चेहरे कि सच्ची सुन्दरता है _ मुस्कान
 
आजकल चेहरे कि खूबसूरती के लिए क्रीम , पौडर आदि से काले को भी गोरा किया जाता है | मेकअप द्वारा आपके चेहरे कि रूपरेखा ही बदल जाती है | इसलिए ब्यूटीपार्लर में जाते है | चेहरे कि सुन्दरता बढ़ाते है लेकिन, फिर विनासी है | सुन्दरता बनी रहने के लिए रोज मेकअप करना पड़ता है | खुबसूरत चेहरे के बावजूद भी अगर मीठी मुस्कान न हो तो जैसे चेहरे कि रौनक ही चली जाती है वास्तव में चेहरे कि सच्ची सुन्दरता है – मीठी मुस्कान , जो हमारी नैचुरल ब्यूटी है इसके लिए मेकअप पर खर्चा भी नहीं करना पड़ता | आपकी मीठी मुस्कान ही चेहरे कि रौनक है मुस्कुराता चेहरा और प्रसन्नता से दमकती आंखे भला कौन प्रभावित नहीं होता ? मुस्कान से और प्रसन्न चेहरे से आपका व्यक्तित्व आकर्षक बन जाता है यही सच्ची पर्सनालिटी है |

                      नोट :- पढना और मुस्कुराना और दुसरो को भी खुश करना  यही प्रभु का सन्देश है

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